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खेलसमाचार डेस्क

55 वर्षों का सफर: वनडे क्रिकेट के इतिहास में हुए सबसे बड़े बदलाव

वनडे क्रिकेट ने अपने 55 साल के सफर में 60 ओवर से 50 ओवर तक का सफर तय किया है। हाल ही में स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच खेले गए मैच के साथ ही वनडे क्रिकेट ने 5,000 मैचों का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया है।

5 जनवरी 1971 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच बारिश से प्रभावित टेस्ट मैच के विकल्प के रूप में शुरू हुआ वनडे क्रिकेट आज खेल का सबसे बड़ा फॉर्मेट बन गया है। इन 55 वर्षों में इस फॉर्मेट ने कई बड़े बदलाव देखे हैं। शुरुआत में 60 ओवर के मैच खेले जाते थे, जिसे बाद में 50 ओवर के अंतरराष्ट्रीय मानक में ढाला गया।

1970 के दशक के अंत में केरी पैकर के वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट ने रंगीन जर्सी, डे-नाइट मैच और सफेद गेंद की शुरुआत की, जिसने क्रिकेट को पूरी तरह बदल दिया। इसके बाद फील्डिंग प्रतिबंध, पावरप्ले, और डकवर्थ-लुईस (DLS) जैसे तकनीकी नियमों ने खेल को अधिक रोमांचक बनाया। टाई मैचों के लिए सुपर ओवर को अनिवार्य किया गया।

समय के साथ बल्लेबाजी में भी व्यापक बदलाव आए हैं; पहले 1,000 मैचों में औसत स्कोर 213 था, जो अब 250 के करीब पहुंच गया है। टी-20 के बढ़ते प्रभाव के बावजूद वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंटों के कारण वनडे आज भी अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए है।

स्रोत: मूल लेख

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